My Humming Word

Year: 2026

  1. Poem
​Across Socotra’s limestone crests they riseGrowing some thirty feet high towards skiesEndemic only to the archipelago’s rocky spaceSlow seedlings rise to claim their ancient place. ​​Upon the scorched and barren heightThe dragon’s canopy crown shade takes flightIt looks like inverted umbrella, wide and grandConserving critical moisture for the desert land. When the heavy mist slides […]
  1. Blog
अनादि काल से दुनिया भर के विद्वानों, दार्शनिकों और धार्मिक गुरुओं ने विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में अलग-अलग नामों और रूपों में ईश्वर की प्रकृति और गुणों की व्याख्या और वर्णन किया है। वास्तव में, आधुनिक युग में दो अब्राहमिक (Abrahamic) धर्मों के विद्वानों और अनुयायियों ने तो आक्रामक रूप से अक्सर यह दावा, और […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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