हर कदम पर जो साथ दे, निस्वार्थ जिसका प्यार हो,
सच्ची जुबान, साफ़ दिल और एतबार का आधार हो।
हमारे राज़ जो दिल में छुपा ले, चट्टान सी ढाल बने,
राह भटके जब कदम, तो सही मार्ग की मशाल बने।
सहनशीलता का भाव हो, और क्षमा करने की समझ,
मित्रता जो विश्वास की नींव पर हो, हर घड़ी, हर सुबह।
ना बदले जो हालातों से, जो सुख-दुख का सहभागी है,
वही बस एक सच्चा मित्र, वही सबसे प्यारा साथी है।
3,859 total views, 11 views today
No Comments
Leave a comment Cancel