My Humming Word

Caring

  1. Poem
सभी भारतीयों के लिए हो शाश्वत गणतंत्र। आज़ादी और भारतीयता की मंगल कामना।। एक ही मोक्ष मार्ग दिखता, भगतसिंह सी अमरता।वसुधैव कुटुंबकम् भाव, रग रग में रहे झलकता।। धर्म कर्म चर्म से परे रहे, समरसता पर अटलता।वचन पर ही मरता जीता, ध्रुव पलटे तो पलटता।। रग रग में है खूँ खौलता, तमाम करेंगे सब निकृष्टता।रहे […]
  1. Poem
चाँद तनहा हैचाँद उदास हैपर क्या पता शायद यह बस मेरा भ्रम मात्र होचाँद का क्या कहनावह तो बस हर रोजमहीने के तीस दिन नये रंग बदलता है फिर भी…इतनी इच्छा बाकी हैउसकी चांदनी सर्वत्र होचमक कभी कम न होचाँद बस भरा पूरा रहेचाँद बस खिला खिला रहेवह कभी उदास न होवह कभी तनहा न हो Image […]

Good Reads

Worlwide

Trending

सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

Login

You cannot copy content of this page