My Humming Word

Month: September 2022

  1. Article
Peace and War – I In mundane sense, peace is interpreted as a state of personal and/or community harmony, camaraderie and companionship in a social environment that is completely devoid of any conflict, hostility or violence between the individuals or groups. Ordinarily, such an environment is established among the individuals and groups by exercising behavioral […]
  1. Article
Hindu Religion: Gods & Goddesses Since early age, the Indian civilization did not follow the religion in its literal sense or traditional form, the way more recent Abrahamic religions of the world look at it. Historically, the indians called it “Sanatana Dharma”, a term originally derived from the ancient Sanskrit language, which carries an implied […]
  1. Poem
Editor’s Choice हाँ अब वह जीवन-मुक्त हैजीवन में ठुकराए गए का कोई अवसाद नहींउन असफलताओं पर अब कोई पश्चाताप नहींजीवन की खास सफलताओं या उपलब्धियों परभी कोई अभिमान, आनन्द अथवा उल्लास नहीं हाँ अब वह जीवन-मुक्त हैसांसारिक उपलब्धियों अथवा प्राप्ति हेतुअब वह कोई इच्छा या सपना नहीं पालतान तो है उसे भीड़ में अलग पहचान […]

Good Reads

सनातन धर्म: अस्तित्व-संरक्षण के अद्भुत तत्व ​पुरानी और नई दुनिया के कई अन्य संस्कृतियों और धर्मों के विपरीत, हिंदू धर्म (प्राचीन नाम सनातन धर्म) की उत्पत्ति किसी हठधर्मिता (dogma), घटना, पैगंबर या पैगंबरों के समूह से नहीं जुड़ी थी। यह दक्षिण एशिया के एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में समय के साथ जीवन जीने के एक […]
The present conflict involving the United States-Israel on one side and Iran on the other is, undoubtedly, a systemic threat to world peace primarily through its potential for an uncontrollable regional conflict and destruction, besides the collapse of global energy security and supply chain. This war started with the joint launch of the “Operation Epic […]
वह अब हमारे बीच नहीं रही। लगभग बीस वर्ष हो चुके हैं जब वह लगभग छियानवे वर्ष की परिपक्व आयु में अपने स्वर्गीय धाम को चली गईं। मेरी अपनी बढ़ती उम्र तथा पर्याप्त सांसारिक ज्ञान और अनुभव के बावजूद, मुझे आज तक उनके जैसी प्रकृति, बुद्धिमत्ता, स्वभाव और मानसिक दृढ़ता वाली कोई महिला नहीं मिली। […]
​दिसंबर के अंत की गुनगुनी और सुहावनी धूप बूढ़ी कैथरीन की थकी हुई आँखों में न तो कोई आनंद ला सकी और न ही कोई आशा। इस वृद्धाश्रम के अहाते में, नीम के पेड़ के नीचे एक बेंच पर बैठी वह सुदूर अतीत की यादों में खोई हुई थी, जब डेविड जीवित थे और उन्हें […]

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सनातन धर्म: अस्तित्व-संरक्षण के अद्भुत तत्व ​पुरानी और नई दुनिया के कई अन्य संस्कृतियों और धर्मों के विपरीत, हिंदू धर्म (प्राचीन नाम सनातन धर्म) की उत्पत्ति किसी हठधर्मिता (dogma), घटना, पैगंबर या पैगंबरों के समूह से नहीं जुड़ी थी। यह दक्षिण एशिया के एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में समय के साथ जीवन जीने के एक […]
The present conflict involving the United States-Israel on one side and Iran on the other is, undoubtedly, a systemic threat to world peace primarily through its potential for an uncontrollable regional conflict and destruction, besides the collapse of global energy security and supply chain. This war started with the joint launch of the “Operation Epic […]
वह अब हमारे बीच नहीं रही। लगभग बीस वर्ष हो चुके हैं जब वह लगभग छियानवे वर्ष की परिपक्व आयु में अपने स्वर्गीय धाम को चली गईं। मेरी अपनी बढ़ती उम्र तथा पर्याप्त सांसारिक ज्ञान और अनुभव के बावजूद, मुझे आज तक उनके जैसी प्रकृति, बुद्धिमत्ता, स्वभाव और मानसिक दृढ़ता वाली कोई महिला नहीं मिली। […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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