My Humming Word

Inspiration

  1. Blog
एक सक्रिय व्यक्तिगत और व्यावसायिक (सामाजिक) जीवन जीते हुए, आपका सामना हर तरह के लोगों और अनुभवों से होता है। अपने वर्षों के लंबे सामाजिक जीवन के दौरान, मैंने हजारों व्यक्तियों से मुलाकात और व्यवहार किया है—जिनमें कई प्रशंसक रहे तो आलोचक भी। किंतु यहाँ जिस व्यक्ति का उल्लेख किया जा रहा है, वह ‘संज्ञानात्मक […]
  1. Poem
Editor’s Pick A centenarian mango tree, branches wide,Leaves dancing high, wrinkles etched pretty vivid:Once I stood in Tagore Lawns, a witness to time,A tale of seasons, in earth’s whispered rhyme. In summer season’s heat, I offered shadeDuring torrential rains, I proffered a refugeWith autumn surge, leaves yellow-brown at fall Sweet fruits, like old memories, recalling […]
  1. Blog
एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […]
  1. Poem
Editor’s Pick सूर्यास्त का समय एक सुनसान समुद्र तट –वह आश्चर्य से देख रहा थास्थानीय निवासी झुककर कुछ उठाताऔर फिर दूर पानी में फेंक देता थावह इसी काम की पुनरावृत्ति में लगा था। उसने जिज्ञासावश पूछा – आप क्या कर रहे हैं?स्थानीय निवासी ने जवाब दिया – भाटा हैतारामछलियाँ तट पर आ गई हैंमैं उन्हें वापस […]

Good Reads

एक सक्रिय व्यक्तिगत और व्यावसायिक (सामाजिक) जीवन जीते हुए, आपका सामना हर तरह के लोगों और अनुभवों से होता है। अपने वर्षों के लंबे सामाजिक जीवन के दौरान, मैंने हजारों व्यक्तियों से मुलाकात और व्यवहार किया है—जिनमें कई प्रशंसक रहे तो आलोचक भी। किंतु यहाँ जिस व्यक्ति का उल्लेख किया जा रहा है, वह ‘संज्ञानात्मक […]

Worlwide

एक सक्रिय व्यक्तिगत और व्यावसायिक (सामाजिक) जीवन जीते हुए, आपका सामना हर तरह के लोगों और अनुभवों से होता है। अपने वर्षों के लंबे सामाजिक जीवन के दौरान, मैंने हजारों व्यक्तियों से मुलाकात और व्यवहार किया है—जिनमें कई प्रशंसक रहे तो आलोचक भी। किंतु यहाँ जिस व्यक्ति का उल्लेख किया जा रहा है, वह ‘संज्ञानात्मक […]

Trending

सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

Login

You cannot copy content of this page