Editor’s Pick
सूर्यास्त का समय
एक सुनसान समुद्र तट –
वह आश्चर्य से देख रहा था
स्थानीय निवासी झुककर कुछ उठाता
और फिर दूर पानी में फेंक देता था
वह इसी काम की पुनरावृत्ति में लगा था।
उसने जिज्ञासावश पूछा – आप क्या कर रहे हैं?
स्थानीय निवासी ने जवाब दिया – भाटा है
तारामछलियाँ तट पर आ गई हैं
मैं उन्हें वापस समुद्र में फेंक रहा हूँ
कहीं वे ऑक्सीजन की कमी से मर न जाएँ।
उसने शंकावश ही प्रतिवाद किया –
तट पर तो हज़ारों तारामछलियाँ हैं
आप शायद कुछ एक को ही बचा सकें
क्या आपको प्रयास की व्यर्थता का एहसास नहीं?
…इससे कुछ खास अंतर नहीं पड़ता
आखिर आप सबको तो बचा नहीं सकते!
स्थानीय निवासी मुस्कराकर नीचे झुका
एक और तारामछली उठाई
और उसे दूर समुद्र में फेंक दिया
अब उसका जवाब था – ठीक है
पर उस एक के लिए तो यह खास अंतर है।
11,862 total views, 13 views today
No Comments
Leave a comment Cancel