जब तुम थे
मेरे आस पास जीवन में
खुशी थी, सुख था, रंग थे
जैसे हो कोई इंद्रधनुष
स्थायी जीवन में॰
आज भी याद है मुझे
तुम्हारे रोज बदलते परिधान
वो गुलाबी और नीले रंग
बन गए थे मेरे भी पसंदीदा
बस जाने अंजाने में॰
फिर एक दिन
तुम छोड़ गए मुझे
साथ ले गए सारे रंग भी
कुछ भी न बचा इस जीवन
और व्याकुल मन में॰
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