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Year: 2021

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जगत् सराहे निस्सारों को, जिनका जीवन शोर बना,अहंकार की सीढ़ी चढ़कर, बस झूठा गौरव गान बना;क्षण-भंगुर जयकारों की जिन्हें जीवन भर प्यास रहे,रिक्त, व्याकुल उन आत्माओं के भाव सदा अतृप्त रहे। उनको मिथ्या यश की ख़ातिर व्यर्थ तड़पते पाता हूँ,देख तमाशा इस दुनिया का, मन ही मन मुस्काता हूँ;पीठ फेर उस अंधी दौड़ से, दूर […]

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जगत् सराहे निस्सारों को, जिनका जीवन शोर बना,अहंकार की सीढ़ी चढ़कर, बस झूठा गौरव गान बना;क्षण-भंगुर जयकारों की जिन्हें जीवन भर प्यास रहे,रिक्त, व्याकुल उन आत्माओं के भाव सदा अतृप्त रहे। उनको मिथ्या यश की ख़ातिर व्यर्थ तड़पते पाता हूँ,देख तमाशा इस दुनिया का, मन ही मन मुस्काता हूँ;पीठ फेर उस अंधी दौड़ से, दूर […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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