My Humming Word

Month: December 2020

  1. Poem
They justify barbaric killingsAnd cold blooded murdersOf perceived adversariesAnd shed crocodile tearsFor innocent killingsAs a collateral damageTo achieve their ends… It beats logic and rationaleBecause in a civilized nationThere is no place for violenceAnd only barbariansCan support or justifyBarbarism, for seekingSocial, political or economicLiberation, parity and justiceTo wronged subjects..!  38,597 total views,  15 views today

Good Reads

संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत 14 मई 1948 को यहूदियों के लिए एक मातृभूमि के रूप में इजराइल राज्य का गठन किया गया था और भारत ने 17 सितंबर 1950 को इसे कानूनी (de jure) मान्यता दी थी, ऐसा करने वाले शुरुआती एशियाई देशों में से भारत एक था। हालाँकि, उत्तरवर्ती भारतीय सरकारें चार […]

Worlwide

संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत 14 मई 1948 को यहूदियों के लिए एक मातृभूमि के रूप में इजराइल राज्य का गठन किया गया था और भारत ने 17 सितंबर 1950 को इसे कानूनी (de jure) मान्यता दी थी, ऐसा करने वाले शुरुआती एशियाई देशों में से भारत एक था। हालाँकि, उत्तरवर्ती भारतीय सरकारें चार […]

Trending

सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

Login

You cannot copy content of this page