My Humming Word

  1. Poem
During his lifetimeIn a conflict betweenThe heart and brainHe always voted for brainToday he is an accomplished manWith all worldly possessionsSocial status and recognitionYet he feels lonely and alone. During his lifetimeIn a conflict betweenThe brain and heartHe always listened to heartConsequently on material frontHe is neither famous nor richYet he feels fulfilledHappy, contented and […]

Good Reads

​आख्यान और मीट्रिक (आंकड़े) काफी समय से, वैश्विक मीडिया घरानों, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और विदेशी खुफिया तंत्रों का एक स्वार्थी नेटवर्क—जिन्हें अक्सर “डीप स्टेट” (Deep State) कहा जाता है—भारत की राजनीतिक संप्रभुता और आर्थिक विकास को कमजोर करने के लिए समन्वित रूप से गलत सूचनाओं और झूठे आंकड़ों का इस्तेमाल कर रहा है। अपनी ओर […]
​Where Adriatic stone runs quite deep and coldIn karst-locked rivers, pretty dark, silent and oldDeep in the dark, where silent waters crawlThe baffling olm abides within its limestone hall. Pale and unpigmented, like phantom lace arrayedA slender and subterranean proteus is portrayedCrimson plumes of lace adorn its sightless headAnd three-toed limbs through silent waters tread. […]

Worlwide

​आख्यान और मीट्रिक (आंकड़े) काफी समय से, वैश्विक मीडिया घरानों, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और विदेशी खुफिया तंत्रों का एक स्वार्थी नेटवर्क—जिन्हें अक्सर “डीप स्टेट” (Deep State) कहा जाता है—भारत की राजनीतिक संप्रभुता और आर्थिक विकास को कमजोर करने के लिए समन्वित रूप से गलत सूचनाओं और झूठे आंकड़ों का इस्तेमाल कर रहा है। अपनी ओर […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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