My Humming Word

Month: November 2023

  1. Poem
अपने संस्कारों व अर्जित ज्ञान के बल पर,देश व समाज में खुद का स्थान ही नहीं,अपितु उसने जीवन में कौशल भी सीखा;अपने प्रियजनों, रिश्तों और संबंधों को,जीवन भर के लिए, एक ईमानदारी सेसंभालना, सहेजना और पोषित करना।  परन्तु वह आजतक नहीं समझ पाया,उनको, जो एक गिरगिट की तरह अक्सर,खुद की सुविधा और माहौल के अनुसार,जल्दी-जल्दी […]
  1. Poem
संपादक की पसंद उसने मुझसे कहा दूसरों के लिए जीना अबबहुत हुआ, बहुत हो लियाअब वह केवल खुद के लिएखुद की खुशियों के लिए जीना चाहता है…! फिर शेष जीवनवह इस जुनून के साथ, खुशी की चाहत लिएखुशी की तलाश मेंएक अंधी दौड़ में शामिलएक लम्बी-अंधी सुरंग मेंजिसका न आदि है न अंतचलता रहा, दौड़ता रहा है…दौड़ आज भी […]

Good Reads

A feathered-friend unique in many waysOstrich finds freedom not in cloudsBut where the endless grasslands swayPossess only two toes and large eyesThe largest and heaviest living birdFlightless yet the fastest running biped. Neither it boasts an eagle’s soaring prideNor over canyon depths they ever glideInstead their powerful legs loudly proclaimThe dusty desert tracks as their […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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