My Humming Word

Personality

  1. Poem
Desperation is horrible state of mindOf the utter doom and hopelessnessThat some human beings suffer withTemporarily or all time to come in lifeUsually such a person is distinguishedWith high ambition and insatiable urgeFor the people’s attention and limelightAt their place and environment around. Desperation instils false sense of prideWithout upright moral values and ethicsWhen denied […]
  1. Poem
During all those bygone yearsWith hard work and endeavourHe earned and accomplishedName, position and money…In short, everything mundaneYet essentially needed in lifeFor a reasonably snug livingThat a man or a woman wouldaspires for… Yet he often thinks, he isVulnerable, wronged and angryDue to outer environment & stimuli…With too many demons inside,Who keep him haunting, andDepriving […]

Good Reads

डॉ. जयपाल सिंह यह कहानी कई सदियों पुरानी है। तत्कालीन बगदाद के एक छोटे से शहर में अलादीन नाम का एक सज्जन अपनी पत्नी, दो बच्चों और माता-पिता के साथ रहता था। वह बंदा इतना लापरवाह और आलसी था कि अधिकांश समय बेकार बैठा रहता था और अपनी पत्नी पर परिवार के लिए रोटी-रोजी कमाने […]

Worlwide

डॉ. जयपाल सिंह यह कहानी कई सदियों पुरानी है। तत्कालीन बगदाद के एक छोटे से शहर में अलादीन नाम का एक सज्जन अपनी पत्नी, दो बच्चों और माता-पिता के साथ रहता था। वह बंदा इतना लापरवाह और आलसी था कि अधिकांश समय बेकार बैठा रहता था और अपनी पत्नी पर परिवार के लिए रोटी-रोजी कमाने […]

Trending

सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

Login

You cannot copy content of this page