My Humming Word

Poem

  1. Poem
Editor’s Choice सहयोग परस्पर हो सबका सब को त्योहार मनाने दें।हर आँगन को आलोकित कर सबको उल्लास मनाने दें। इस तरह मनाएं दीप पर्व, अंतर का तम सब मिट जाये।अज्ञान मिटे अर्न्तमन का, जीवन का घन तम हट जाये।मावस की काली रजनी ज्यों, है तिमिर मोह का अभ्यंतर-सबको इस पावन दीप पर्व पर वैदिक यज्ञ […]
  1. Poem
दर्द संजोये रखना दिल में अधरों से कुछ मत कहना।हँस-हँस कर कितना कोई पूँछे सीने में भींचे रहना।कहने से हासिल क्या होगा इठलायेंगे सभी मगर-बांट न लेगा लेशमात्र कोई खुद को ही सब है सहना। रखना सदा छुपाए इसको अपनी पलकों के अंदर।चारों ओर हो तिमिर घनेेरा बिछे हुए कांटे पथ पर।घोर उदासी के बादल […]
  1. Poem
पावस की मधुरिम रातों में, प्रिय याद तुम्हारी आयी है,संस्मरण पुराने जो बिस्मृत, सब संग वो अपने लायी है।वो मधुर घड़ी, संबन्ध नये, मन वीणा की झंकार नवल,दो अनजानों का मधुर मिलन, एकात्म आत्मा का पावन। क्या भूलूॅं और क्या याद करूॅं, हर पृष्ठ अलौकिक है लगता,रातें लगतीं मधुचन्द्र सरिस, मधुमास सरिस हर दिन लगता।काया […]
  1. Poem
भोर होने से प्रथम ही टूटते हैं स्वप्न सारे।खो रहे हैं नील नभ में शब्द जैसे रात्रि तारे।पोंछ कर दृग बिंदुओं को सच को सीने में छुपाये-पतित को पावन बनाने में पराजित अश्रु खारे। अनछुई इस देह ने स्पर्श के जो जख्म खाये।तन बदन की वेदना को उर पिटारी में संजोये।देखती कातर नयन से जो […]
  1. Poem
प्रतिवर्ष दशानन दहन किया, मन के रावण का नाश नहीं,अगनित सीता अपहृत होती, निज मर्यादा का भास नहीं।हम एक जलाते दशकंधर, शत दशकंधर पैदा होते,करते जो दहन मन का रावण, हर गली में रावण न होते। इस शक्ति पर्व का हेतु है क्या, है ब्यर्थ दिखावे की शक्ती,निर्बल को संबल दे न सके, अन्याय से […]
  1. Poem
Editor’s Choice हाँ अब वह जीवन-मुक्त हैजीवन में ठुकराए गए का कोई अवसाद नहींउन असफलताओं पर अब कोई पश्चाताप नहींजीवन की खास सफलताओं या उपलब्धियों परभी कोई अभिमान, आनन्द अथवा उल्लास नहीं हाँ अब वह जीवन-मुक्त हैसांसारिक उपलब्धियों अथवा प्राप्ति हेतुअब वह कोई इच्छा या सपना नहीं पालतान तो है उसे भीड़ में अलग पहचान […]

Good Reads

​Heart-shaped leaves catch the passing breezeA gentle whisper stirs the emperor of treesEach pointed tip channels the raindrop’s traceWhile quiet shadows fill the peaceful space. Underneath its vast and fine-textured canopyA quiet, soothing shelter spreads out completelyIt offers a vibrant sanctuary, green and wideWhere both birds and weary travellers can abide. For generations past, its […]
This Australian salt-lake tiger beetleCicindela hudsoni in sun-bleached plainsAn insect of pale, tan or dull-metallic hueEndemic in arid salt lakes of Australian southIs the fastest bug with speed record crownWhile many other beetles’ species are slowerWearing iridescent emerald or rainbow armour. The speedster is flightless with vestigial wingsIt relies entirely on sheer sprinting speedRather than […]

Worlwide

​Heart-shaped leaves catch the passing breezeA gentle whisper stirs the emperor of treesEach pointed tip channels the raindrop’s traceWhile quiet shadows fill the peaceful space. Underneath its vast and fine-textured canopyA quiet, soothing shelter spreads out completelyIt offers a vibrant sanctuary, green and wideWhere both birds and weary travellers can abide. For generations past, its […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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