My Humming Word

Poem

  1. Poem
तुम्हारी सूरत और सीरत की कशिश थी,या फिर मेरी चाहत की शिद्दत का कमाल.एक व्यग्र हृदय एवं मन की उलझनों केचक्रव्यूह में उलझा मानों एक मकड़जाल. चाहे जितना तुमको भुलाने की कोशिश की,तुम हमेशा ही मुझको उतना ही याद आए.तुम्हारी यादों की परछाई संग चलते-चलते,देखो न आज हम कितनी दूर निकल आए. एक बेहद लम्बा […]

Good Reads

Misconception and Misunderstandings -II (A)  Philosophy and Metaphysics (Contd…) (2)   Hinduism lacks a single central core or historical unity This narrative is a typical way of Western ethos of describing Indian ancient history and culture. During the British colonial era, the rulers, Western historians and scholars purportedly depicted it a civilization with narrow vision largely […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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