My Humming Word

Life

  1. Poem
Friends turn into enemiesEnemies turn into friendsWith change in circumstancesIt makes all the difference. A famous thinker said it onceWhen two persons are friendsWhen one of them misconductsLet the other be more patient. In the changed circumstancesOne may maintain his toleranceAnd when it becomes unbearableOne must withdraw to a distance. Like happiness and sadnessFriendship and […]

Good Reads

अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]

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अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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