My Humming Word

Year: 2023

  1. Poem
कुछ अपने थे जो छोड़ गयेकुछ अपने जो जाने वाले हैंहम किस-किस की खैर करें खुद हम भी उसी कतार में हैं  जो कल आए थे आज चलेजो अब आए हैं कल जाएंगेफिर कुछ ऐसे अपने भी तो हैं जो असमय-कुसमय छोड़ चले जब यह हालत इस जग की हैऔर जब जीवन इतना नश्वर हैहम क्योंकर इतनी […]
  1. Poem
स्वप्न भी आवश्यक हैं, जोदेते हैं पंख, गति और उड़ानहमारे आवेगों एवं संवेगों कोइच्छाओं और आकांक्षाओं कोऔर आज जब मैं पलटता हूँअतीत के पन्नों को, यादों को…लगता है मैं भी एक स्वप्नदृष्टा हूँ तो आज इस वर्ष की विदाईवेलाएवं नववर्ष के वंदन-अभिवादन के उत्साह एवं  समारोह  पर बसयही हार्दिक चिंतन और शुभेच्छा हैकि आपके सपनों को […]

Good Reads

दिव्य आभा मानिंद है, यह सृष्टि का सुन्दर रूपयह दर्पण भी है, मानव की विवेकानुभूति अनूपघड़ी के बारह बजे, खुलते कितने ही पृष्ठ सफेदमानों क्षितिज पर हैं भविष्य की गाथा रचते छन्द. पुराना वर्ष थम गया, आधी रात के कोलाहल मेंनये का आगमन हुआ, प्रकाश की प्रथम पुंज मेंदिनों की एक कोमल डोर, बीते समय […]
कभी-कभार एक छोटी सीनोकझोंक अथवा वाक्कलहजीवन भर के अर्जित स्नेहऔर बेशकीमती दोस्ती-यारानाको भी चोटिल कर जाती है… यदि आप सच में प्यार करते होतो ऐसे में बिना देरी के सक्रिय होकरविश्वास वापस लाने की खुद पहल करें…दोस्त गुब्बारों जैसे ही होते हैंयदि आप कसकर नहीं पकड़तेतो वे कभी भी टूट सकते हैहमेशा के लिए छूट […]

Worlwide

दिव्य आभा मानिंद है, यह सृष्टि का सुन्दर रूपयह दर्पण भी है, मानव की विवेकानुभूति अनूपघड़ी के बारह बजे, खुलते कितने ही पृष्ठ सफेदमानों क्षितिज पर हैं भविष्य की गाथा रचते छन्द. पुराना वर्ष थम गया, आधी रात के कोलाहल मेंनये का आगमन हुआ, प्रकाश की प्रथम पुंज मेंदिनों की एक कोमल डोर, बीते समय […]

Trending

प्रतिवर्ष दशानन दहन किया, मन के रावण का नाश नहीं,अगनित सीता अपहृत होती, निज मर्यादा का भास नहीं।हम एक जलाते दशकंधर, शत दशकंधर पैदा होते,करते जो दहन मन का रावण, हर गली में रावण न होते। इस शक्ति पर्व का हेतु है क्या, है ब्यर्थ दिखावे की शक्ती,निर्बल को संबल दे न सके, अन्याय से […]

Login

You cannot copy content of this page