My Humming Word

Month: February 2023

  1. Poem
सभी भारतीयों के लिए हो शाश्वत गणतंत्र। आज़ादी और भारतीयता की मंगल कामना।। एक ही मोक्ष मार्ग दिखता, भगतसिंह सी अमरता।वसुधैव कुटुंबकम् भाव, रग रग में रहे झलकता।। धर्म कर्म चर्म से परे रहे, समरसता पर अटलता।वचन पर ही मरता जीता, ध्रुव पलटे तो पलटता।। रग रग में है खूँ खौलता, तमाम करेंगे सब निकृष्टता।रहे […]
  1. Poem
 तुम चलो तो चलो तो तुम बिलकुल अकेले आधुनिक सभ्यता के पाठ से सीखी चतुर विद्या को छोड़कर निपट अकेले रिक्त-रिक्त से पूर्वाग्रहों को त्यागकर अपने सदृश्य जीव की संगना से दूर हट एकदम अकेले मृत मंजिलों-इमारतों में सड़ रहीं वर्जनाओं के बाहर तुम चलो तो.  एक निस्सीम आकाश है  नीलाभ, पारदर्शी  कल्पना के आखिरी छोर तक अबूझ  रहस्यमयी  जिज्ञासा को कुदेरता अनंत से […]

Good Reads

Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]
बाग में हजारों गुलाब खिले दिखाई देते हैंसफ़ेद, स्कारलेट, क्रिमसन और वर्मिलियनदेखने और गुजरने वालों की आँखों कोमानों सब कैंडीफ्लॉस ऑफर करते हैं। और फिर उसी बाग के एक कोने मेंएक अकेला पीला गुलाब भी खिलता हैअपनी बेहतरीन खुशबू बिखेरता हुआजैसे अनंत दोस्ती, प्यार और परवाह की। लाल गुलाब आकर्षित करते हैं भटकाते हैंदर्शकों की […]

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Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]

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