My Humming Word

Year: 2020

  1. Poem
In this endless yet ephemeralAnd ever-changing weather cycleI so often wonder in solitudeMore so in frosty wintry nightsSo also the gloomy foggy days…Why the friend and friendship lostOnce so endearing and sublimeClose to heart and mindGives such an acute feelingOf love, longing, absence and loss! In all these fateful yearsOf a long and hectic journeyTowards […]

Good Reads

संयुक्त राज्य अमेरिका-इजरायल एक पक्ष और ईरान के दूसरे पक्ष के बीच मौजूदा संघर्ष, निस्संदेह, विश्व शांति के लिए एक प्रणालीगत खतरा है, जो मुख्य रूप से अनियंत्रित क्षेत्रीय संघर्ष और विनाश की संभावना के माध्यम से है, इसके अलावा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला का पतन भी शामिल है। यह युद्ध 28 फरवरी […]
While the author concluded the previous part of this write-up, the complex tri-partite negotiations among the US and Iran were going on with Pakistan playing as interlocutor. However, as the author had expressed serious apprehensions, the high-stake peace talks between the two parties held in Islamabad on 11-12 April 2026, indeed, failed to be productive […]
​भोर हुई, मन दर्पण मानिंद निर्मल और शांत जगा,रात्रि की पूरी निद्रा से, हर कोना हर्षित व नया लगा;पर इस पावन सन्नाटे में, एकाएक ऐसी टीस उठी,एक तीखी कूक से, मानो जैसे अंतर्मन की शांति लुटी। ​देखा एक पपीहा अपनी विरह-वेदना फिर दोहराता है,जैसे एक सुलगता, अनसुलझा गीत नभ में बिखराता है;“पी कहाँ… पी कहाँ…” […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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