My Humming Word

Poem

  1. Poem
Editor’s Choice Everything that is scaledAs highest or lowestThat comes, construedAnd accepted as such in lifeBecomes nothing in the end. Conclusion!Yes, a solace at-home.Contours ascendedOr descended in the journeyWere inevitably in processOf extracting the best… They are to becomethe marks you left!Sounds spirituality!Yes – no, waste!Arrive “within” to reach rest.  14,089 total views,  38 views today
  1. Poem
चिर काल तक आप सबको पेश है मेरी हर शुभ प्रभात,बाइस जनवरी को भारत में, घटी बड़ी ऐतिहासिक बात।भावना मेरी परम सुखी हों सबके कुटुंब तात और मात,सीता जैसी भार्या हों आपकी, हों लक्षमण जैसे भ्रात।राम होकर भी राम को ढूंढते, क्यों हम दिन और रात,काम सा नहीं राम जग में, काम में बसती है […]
  1. Poem
यह ना पूछो हमसे इस दुनिया मेंहमने क्या-क्या होते हुए देखा है! दोस्त अचानक दुश्मन बन जाते हैंऔर दुश्मन, दोस्त दिखने लगते हैंफिर दुश्मन के दुश्मन मिलकरदोस्ती का स्वांग करते नजर आते हैं। रिश्ते जब स्वार्थ पर आधारित होंइन आँखों पर पट्टी चढ़ जाती हैजीवन भर के संबंध, सच्चे हितैषी हानिकारक प्रतिद्वंदी नजर आते हैं। फीके, […]
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न जाने क्यों कुछ लोग बात-बात पर दोस्त कहकरफिर दोस्ती की दुहाई देकरदोस्ती जैसे पवित्र बंधन कोबेशर्मी से शर्मसार करते हैंजाने क्यों कुछ  लोग..! इनके जीवन का सत्य तो हैकि खुद के संसारी जीवन मेंचाहिए इन्हें बस कुछ चाटुकारजो उनके आडम्बर पूर्ण जीवन उनके ओछे मन एवं अहं काकेवल पोषण मात्र करते रहें। सच में यही हैं […]
  1. Poem
मेरे देश और हृदय वासियों को हो नव वर्ष मुबारक,आप ही में मानता हूं, बैठा हैं मेरा जीवन उद्धारक। जीवन किताब में पूर्ण हुआ, अध्याय दो हजार तेईस,रहा हमदम हमारा हर दम, दी अपार अपूर्व बक्शीस। हो आभार ढलते को, उगते का स्वागत झुका के शीश,आप महात्माओं को परम् सुखद हो दो हजार चौबीस। रोम […]
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Editor’s Choice I am in stupor gazing into the aeons‘New Year Day‘ comes once in a yearCarrying renewed hopes & aspirationsFor the better and a healthier tomorrow… Across the globe, most people indulge intoCelebrations in a joyful and exuberant wayTaking fresh commitments and resolutions:The planet is standstill for one whole day! Did anything really ever […]

Good Reads

दिव्य आभा मानिंद है, यह सृष्टि का सुन्दर रूपयह दर्पण भी है, मानव की विवेकानुभूति अनूपघड़ी के बारह बजे, खुलते कितने ही पृष्ठ सफेदमानों क्षितिज पर हैं भविष्य की गाथा रचते छन्द. पुराना वर्ष थम गया, आधी रात के कोलाहल मेंनये का आगमन हुआ, प्रकाश की प्रथम पुंज मेंदिनों की एक कोमल डोर, बीते समय […]
कभी-कभार एक छोटी सीनोकझोंक अथवा वाक्कलहजीवन भर के अर्जित स्नेहऔर बेशकीमती दोस्ती-यारानाको भी चोटिल कर जाती है… यदि आप सच में प्यार करते होतो ऐसे में बिना देरी के सक्रिय होकरविश्वास वापस लाने की खुद पहल करें…दोस्त गुब्बारों जैसे ही होते हैंयदि आप कसकर नहीं पकड़तेतो वे कभी भी टूट सकते हैहमेशा के लिए छूट […]

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दिव्य आभा मानिंद है, यह सृष्टि का सुन्दर रूपयह दर्पण भी है, मानव की विवेकानुभूति अनूपघड़ी के बारह बजे, खुलते कितने ही पृष्ठ सफेदमानों क्षितिज पर हैं भविष्य की गाथा रचते छन्द. पुराना वर्ष थम गया, आधी रात के कोलाहल मेंनये का आगमन हुआ, प्रकाश की प्रथम पुंज मेंदिनों की एक कोमल डोर, बीते समय […]

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