Poem नववर्ष दिव्य आभा मानिंद है ये, सृष्टि का सुन्दर रूपयह दर्पण भी है मानव की विवेकानुभूति अनूपघड़ी के बारह बजे, खुलते कितने ही पृष्ठ सफेदमानों क्षितिज पर हैं भविष्य की गाथा रचते छन्द. पुराना वर्ष थम जाता, आधी रात के कोलाहल मेंनये का आगमन हो, प्रकाश की पहली किरण मेंदिनों की एक कोमल डोर, बीते समय […] Written by Dr. Jaipal Singh January 2, 2026January 2, 2026 Saving Bookmark this article Bookmarked
बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और 17 ऊंट एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […] Written by Dr. Jaipal Singh December 19, 2025December 19, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
वृद्धावस्था अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […] Written by Dr. Jaipal Singh December 19, 2025December 19, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
मीमांसा Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […] Written by Dr. Jaipal Singh December 17, 2025December 17, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
Reflection During a shade long journey of lifeI have learned this immutable factAbout all that you see, all that existNothing is fixed, nothing is constant. You live, you love, you care for onesYou rejoice as well as grieve for onesBut do not forget for ever even onceBe not harsh on own body and sense. You are […] Written by Dr. Jaipal Singh December 16, 2025December 16, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
समय और हालात समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […] Written by Dr. Jaipal Singh December 11, 2025December 11, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और 17 ऊंट एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […] Written by Dr. Jaipal Singh December 19, 2025December 19, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
वृद्धावस्था अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […] Written by Dr. Jaipal Singh December 19, 2025December 19, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
मीमांसा Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […] Written by Dr. Jaipal Singh December 17, 2025December 17, 2025 Saving Bookmark this article Bookmarked
आस सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम में, यह भूकंपी […] Written by Santosh K Nema May 15, 2022November 18, 2023 Saving Bookmark this article Bookmarked
आत्मिक लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […] Written by Santosh K Nema April 19, 2022April 19, 2022 Saving Bookmark this article Bookmarked
समय मेरा समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से. समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है सहारे तन के मन के तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट […] Written by Santosh K Nema March 3, 2022March 5, 2022 Saving Bookmark this article Bookmarked
Rajnigandha Touch Now I get tired too soonSo I’m afraid of going farBut all this does not meanI’ve abandoned walks forever… And yes, I often feel lonelyEven amongst my own peopleBut all this does not meanI have stopped caring for all… I often remember our friendshipI still care for our relationshipBut how much I do,I have stopped […] Written by Dr. Jaipal Singh November 16, 2020October 6, 2021 Saving Bookmark this article Bookmarked