My Humming Word

Month: January 2023

  1. Poem
कुछ अपने थे जो छोड़ गयेकुछ अपने जो जाने वाले हैंहम किस-किस की खैर करें खुद हम भी उसी कतार में हैं  जो कल आए थे आज चलेजो अब आए हैं कल जाएंगेफिर कुछ ऐसे अपने भी तो हैं जो असमय-कुसमय छोड़ चले जब यह हालत इस जग की हैऔर जब जीवन इतना नश्वर हैहम क्योंकर इतनी […]
  1. Poem
स्वप्न भी आवश्यक हैं, जोदेते हैं पंख, गति और उड़ानहमारे आवेगों एवं संवेगों कोइच्छाओं और आकांक्षाओं कोऔर आज जब मैं पलटता हूँअतीत के पन्नों को, यादों को…लगता है मैं भी एक स्वप्नदृष्टा हूँ तो आज इस वर्ष की विदाईवेलाएवं नववर्ष के वंदन-अभिवादन के उत्साह एवं  समारोह  पर बसयही हार्दिक चिंतन और शुभेच्छा हैकि आपके सपनों को […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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