My Humming Word

Article

  1. Article
दूल्हा बने दीपक की कार उधर आंखों से ओझल हुई और इधर घर की औरतों ने अंदरआगन में अपने रंगारंग कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दीं। अब तो कल दुल्हन के आने तकयहां नाच-गाने और स्वांग का यही सिलसिला चलता रहेगा। बरामदे में खड़ी सुमन ने पासखड़ी ललिता की ओर आंखों ही आंखो में इशारा […]
  1. Article
             पिछले वसन्त में जब मेरी पड़ोसन श्रीमती वर्मा ने मुझे बताया कि मेरी गुड़िया सी बेटी मिनी अब हाथ पीले करने लायक हो गई है तो मेरे चेहरे का रंग ही उड़ गया।  हे भगवान! धिक्कार है मुझ जैसी मां को जिसे अपने बेटी के सयानी होने की खबर अपने पड़ोसियों से लगे।  अरे […]
  1. Article
दोपहर का खाना खत्म कर के रोज की तरह विनोद बाहर बरामदे में निकल आये। रातभर रूक-रूक कर बरसने के बाद सुबह थोड़ा बादल छटे थे। लेकिन दोपहर में फिर अंधेरासा घिर आया था। बस बारिश बन्द थी। बाहर लान में आकर उन्होंने गार्डन-अम्ब्रेला के अन्दररखी हुई एक कुर्सी खींच कर बाहर निकाल ली। रोज […]
  1. Article
The Glory of Ancient Roman Civilization The world civilization history offers certain interesting yet ironic paradoxes too. For instance, Europe has now taken a distinct lead over the rest of the world in general prosperity and development in the modern age. On the other hand, while ancient civilizations like Indian, Egyptian, Sumerian, and so on, […]

Good Reads

वह अब हमारे बीच नहीं रही। लगभग बीस वर्ष हो चुके हैं जब वह लगभग छियानवे वर्ष की परिपक्व आयु में अपने स्वर्गीय धाम को चली गईं। मेरी अपनी बढ़ती उम्र तथा पर्याप्त सांसारिक ज्ञान और अनुभव के बावजूद, मुझे आज तक उनके जैसी प्रकृति, बुद्धिमत्ता, स्वभाव और मानसिक दृढ़ता वाली कोई महिला नहीं मिली। […]
​दिसंबर के अंत की गुनगुनी और सुहावनी धूप बूढ़ी कैथरीन की थकी हुई आँखों में न तो कोई आनंद ला सकी और न ही कोई आशा। इस वृद्धाश्रम के अहाते में, नीम के पेड़ के नीचे एक बेंच पर बैठी वह सुदूर अतीत की यादों में खोई हुई थी, जब डेविड जीवित थे और उन्हें […]

Worlwide

वह अब हमारे बीच नहीं रही। लगभग बीस वर्ष हो चुके हैं जब वह लगभग छियानवे वर्ष की परिपक्व आयु में अपने स्वर्गीय धाम को चली गईं। मेरी अपनी बढ़ती उम्र तथा पर्याप्त सांसारिक ज्ञान और अनुभव के बावजूद, मुझे आज तक उनके जैसी प्रकृति, बुद्धिमत्ता, स्वभाव और मानसिक दृढ़ता वाली कोई महिला नहीं मिली। […]
​दिसंबर के अंत की गुनगुनी और सुहावनी धूप बूढ़ी कैथरीन की थकी हुई आँखों में न तो कोई आनंद ला सकी और न ही कोई आशा। इस वृद्धाश्रम के अहाते में, नीम के पेड़ के नीचे एक बेंच पर बैठी वह सुदूर अतीत की यादों में खोई हुई थी, जब डेविड जीवित थे और उन्हें […]

Trending

Login

You cannot copy content of this page