उठो मित्र अब मोबाइल उठा लो,
फिर थोड़ा तुम आनन्दित हो लो।
बीत गई रात, अब यह नई सुबह है,
पर हमको इस सबसे क्या लेना-देना।
झट फेसबुक और व्हाट्सऐप खोलो,
व जीवन का यह चरम सुख ले लो।
ढेरों तो अग्रसारित संदेश हैं लम्बित,
रोचक मीम्स और चलचित्र जमा हैं।
भूल जाओ कि चिड़ियाँ चहकीं, अथवा
फिर कमल खिले, और मधुर पवन है।
ऐसे मित्रों की सामग्री, देखो-न-देखो,
पर याद रहे लाइक करना मत भूलो।
आखिर यह सिर्फ तुम्हारा नाश्ता नहीं,
अपितु उनकी भी खुराक है कल की।
मत बनो तुम संवेदनशील, यह याद रहे,
एक का जाना, दूसरे की राह बनाना है।
तो फिर दुनिया में यह स्वर्ग कहां है?
प्रिय, वह तो बस यहां है यहां है यहां है।
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