My Humming Word

Year: 2023

  1. Poem
An immutable universal truth –Eternal darkness pervades cosmossymbolizing not only physical gloombut also utter ignorance and chaos. Only few know the cosmic secret: It’s omniscient, omnipotentand omnipresent Supreme Truth*An eternal source of light & energyso also the wisdom and knowledge. Hence where the light is absentThe pervaded darkness reappearsWhere knowledge is compromisedThe ignorance and chaos […]
  1. Poem
यह हैं एक इतनी सुंदर सारवान अच्छी कृति,जो समझ आ जाए तो बदल दे सारी प्रवृत्ति।।सत्तचित आनंद सिवाय नहीं बचे कोई स्मृति।और मिट जाए पल में पार्थिव जग से सृति।। Note: हिन्दू सनातन संस्कृति के प्राचीनतम ग्रंथ 4 वेद और 10 प्रमुख उपनिषद भौतिक और आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार हैं। जो व्यक्ति एक बार इनमें […]
  1. Poem
They argue for a plantation driveInstead, even if they simply stopMindless cutting and destructionNature will grow forests and treesof its own… They argue controlling indiscriminatePollution in the land, water and airIf they just stop polluting environmentNature will suo moto recoup and refreshof its own… They argue for the several dying riversThe effluent & sewage treatment […]
  1. Poem
मुझे तो है लगती, आपकी नाद बक़ा,सिने बूढ़े फ़नकारों की तो है एक फ़ना,मेरे लिए आपको कोई कॉपी करना,है वाकई एक काम चबाना लोहे चना। लेकिन, श्रीमन, यह है आदत एक बुरी,कि आप हर बात करते हैं मना मेरी,मुझे सिर्फ़ इतना बताओ कृपया, श्रीमन,कॉपी कोशिश करने में भी है कितने जन? जबकि आपकी आवाज़ में […]
  1. Poem
Editor’s Choice Composed yet a bit beguiledThe revered Mystic asked himIf he believed in reincarnation!A little uneasy and perplexedOr even bewildered, he parriedSire! To be honest, I’m not sure. The Mystic continued unfazedSupposing you meet someoneSometime during this lifespanTruly care and love each otherBut for reason human or divineYour union remains incomplete. Be sure the […]

Good Reads

एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […]
अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]

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एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […]
अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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