My Humming Word

Musings

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  1. Poem
 दृश्य तब भी उपस्थित होते हैं जब आँखें बंद हों बातें तब भी मैं तुमसे करता हूँ जब केवल तुम्हारी आकृति हो. मन की एकाग्रता में भी तुम्हारा प्रवेश क्षण की धार को लय देता है और तुम नितत जलती आँच से आलोकित मेरे हृदय को शीतल नमी का अहसास देते हो.  बीहड़ जंगल की काली रात में भी मैं निर्भय हो तुम्हें  ढूढता  हूँ.   प्रेम […]
  1. Poem
Fascinating roses of fragrance and huesRed, yellow, orange, green, and whiteScarlet, crimson, vermilion, and purplePeach, lavender, ivory, salmon, and blueAre found everywhere; attract and distractAs viewers’ envy and connoisseur’s muse. But, the Halfeti in south-eastern Turkey isOnly site where black roses naturally growNick-named “Karagul” in Turkish languageHave sweet aroma and color dark red-wineThat turns to […]
  1. Poem
What a visual delight!Aurora or the northern lightsA natural phenomenon of displayOf the colourful lights in earth’s skyOwing to disturbances in the earth’sMagnetosphere caused by solar winds.Aurora presents a dynamic patternOf brilliant colours of holographic lightsAssume the forms of curtains, spirals,Rays, or even dynamic multihued flickers. In scientific jargons they use termsAurora borealis for the […]
  1. Poem
दरिया बीच एक दिन, सहसा उठा चक्रवात।जो थे मझधार मौजों पे, उन्हें न लगा आघात।।जो खड़े साहिल पे थे, डूबे मस्ती में दिन रात।पल में प्रलय होने लगा, डूबने लगे हाथो हाथ।। जो चल रहे थे वो बच गए, कुशल रास्ता खोकर।जो खड़े थे वो फना हो गए, खड़े ही खाकर ठोकर ।।जो मझधार में […]
  1. Poem
Editor’s Choice When cheerful folks exclaim ‘Holi Hai!’It triggers out an upsurge of emotionsA rainbow splash of fascinating coloursSwinging, vacillating and dancing folksBody drenched in wet and dry coloursExchanging & sharing sweets and giftsWittingly cracking laughter and smilesIn an ambience of fun & frolic for hours… Also, the very surroundings have souls –Cool, composed like […]

Good Reads

Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]
बाग में हजारों गुलाब खिले दिखाई देते हैंसफ़ेद, स्कारलेट, क्रिमसन और वर्मिलियनदेखने और गुजरने वालों की आँखों कोमानों सब कैंडीफ्लॉस ऑफर करते हैं। और फिर उसी बाग के एक कोने मेंएक अकेला पीला गुलाब भी खिलता हैअपनी बेहतरीन खुशबू बिखेरता हुआजैसे अनंत दोस्ती, प्यार और परवाह की। लाल गुलाब आकर्षित करते हैं भटकाते हैंदर्शकों की […]

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Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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