My Humming Word

Reminiscence

  1. Poem
That fun and laughterOn those days and nightsSome moments ofFolly and frenzyHope and despairAnd among all thisBudding and bloomingAffection and loveBetween teenage hearts… For a fortnightAs if it had no endsLife was standstillTime had stopped. It has been a lifespanDecades have passed;Would he ever forgetWould he ever change? No, never everDuring this lifetimeShe is no […]
  1. Poem
जब तुम थेमेरे आस पास जीवन मेंखुशी थी, सुख था, रंग थेजैसे हो कोई इंद्रधनुषस्थायी जीवन में॰ आज भी याद है मुझेतुम्हारे रोज बदलते परिधानवो गुलाबी और नीले रंगबन गए थे मेरे भी पसंदीदाबस जाने अंजाने में॰ फिर एक दिनतुम छोड़ गए मुझेसाथ ले गए सारे रंग भीकुछ भी न बचा इस जीवनऔर व्याकुल मन […]
  1. Poem
Two octogenariansWrinkled body and faceBut young at heartTurning the tide of timeBarefoot, holding handsWalking together in blissLeaving footprints behindOn the wet sandCollecting seashellsOn a sacred beachOf the eastern coast. They are not loversThey are not coupleBut friends and soul-matesSeparated in a predicamentMany years back… It’s a recurring dream,I often wonder!Is thisA mere reflection ofSome unfulfilled […]

Good Reads

Editor’s Choice यह मात्र एक और हृदयग्राही धुन नहीं हैअपितु मेरे दिल और आत्मा की पुकार हैएक शाश्वत, निर्दोष और निर्मल प्रेम की। यह बस एक और वेदनापूर्ण क्रंदन नहीं हैबल्कि मेरी वास्तविक व्यथा का फ़साना हैजो फ़क़त आपकी विरक्ति से गहराया है। शायद आज इस खालीपन की अनुभूति न होपर किसी दिन आपको अहसास […]
हर एक गोधूलि की शुरुआत,शरीर के साथ मेरा मन भीथका और बोझिल सा हो जाता हैफिर हताश मन तरसता रहता हैआपकी मधुर वाणी और निकाय के स्नेहिल और स्निग्ध स्पर्श सुखका एहसास एक बार फिर सेजीवन में पाने और जीने के लिए… मानो गहराती हुई रात कीनीरवता एवं स्तब्धता के बीचभयावह अग्नि की ज्वाला उठी […]
The Makar Sankranti this yearIs more pious and singular event.One of the famous Hindu festivalsDedicated to the solar deity, Surya…Based on the planetary movementsIt’s an instance of transition of SunFrom zodiac Sagittarius to CapricornFrom the south to north hemisphereMarking onset of change in season.The occasion is widely celebratedBy various names in different partsAs new dawn […]
A bit tiny yet marvellousShimmering white paniclesOf the Rajnigandha blooms…Their candidly sweet fragranceReminds few golden momentsThen my heart over againTurns distraught and restlessYearning those bygone days… During a span of timeLife was so fragrant withThe divine Rajnigandha touchSome sweet Rajnigandha feelingsAnd adorable Rajnigandha momentsInstead more apt to say…Rajnigandha memories and dreams. Like the fireflies glow […]
घर के बाहर लान कीहरी-भरी मखमली घास परचमकीली गुनगुनी धूप मेंपसंदीदा आरामकुर्सी परदोनों आँखें बंद, चंचल मनकिसी की मधुर यादों में खोयावह चिंतन में तल्लीन है… शिशिर ऋतु के मौसम मेंसाल के इस सबसे ठंडे दिनजीवन के इस पड़ाव परकाश इस नर्म गुनगुनी धूप सेइतर ये दिन और ज्यादासुखद, सेहतमंद एवं सुंदरललित और मनभावन होते..! […]

Worlwide

Editor’s Choice यह मात्र एक और हृदयग्राही धुन नहीं हैअपितु मेरे दिल और आत्मा की पुकार हैएक शाश्वत, निर्दोष और निर्मल प्रेम की। यह बस एक और वेदनापूर्ण क्रंदन नहीं हैबल्कि मेरी वास्तविक व्यथा का फ़साना हैजो फ़क़त आपकी विरक्ति से गहराया है। शायद आज इस खालीपन की अनुभूति न होपर किसी दिन आपको अहसास […]
हर एक गोधूलि की शुरुआत,शरीर के साथ मेरा मन भीथका और बोझिल सा हो जाता हैफिर हताश मन तरसता रहता हैआपकी मधुर वाणी और निकाय के स्नेहिल और स्निग्ध स्पर्श सुखका एहसास एक बार फिर सेजीवन में पाने और जीने के लिए… मानो गहराती हुई रात कीनीरवता एवं स्तब्धता के बीचभयावह अग्नि की ज्वाला उठी […]
The Makar Sankranti this yearIs more pious and singular event.One of the famous Hindu festivalsDedicated to the solar deity, Surya…Based on the planetary movementsIt’s an instance of transition of SunFrom zodiac Sagittarius to CapricornFrom the south to north hemisphereMarking onset of change in season.The occasion is widely celebratedBy various names in different partsAs new dawn […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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