My Humming Word

Environment

  1. Poem
Nature’s fury,Phailin sizzlesand fizzles outleaving behinda trail ofdestruction and loss… The cyclonic stormand heavy rains renderlakhs of houses flattenedmillions homelessand billions of cropsand properties destroyed… Alas!Churning of oceanbrings Halahalamand no more rendersgood fortunetreasures, beautyand Amrita –the nectar of gods.  30,644 total views,  21 views today
  1. Poem
From my balcony at the early dawnI watch the canopy of green plantsA flock of cute birdies are chirpingThe nightingale sings sweet melodiesA peacock showing off sapphire feathersSquirrels squeak, langurs are chatteringAll in peace and harmonious co-existenceA rare occurrence in the concrete jungleMy gratitude to mother earth and natureFor this harmony and my own existence. […]
  1. Poem
It’s so sereneIt’s so cleansingIt’s so rejuvenatingThere is nothing so pleasantThan early showers of monsoon. It’s so thrillingTo behold plants and grassLively with the instant greenAnd the dusty roads and lanesTaking an emerald hue. What a rainy morningWith the cloud-heavy skyThe floating grey cloudsMaking a clap of thunderWith a heavy downpour! A rainy July afternoonWith […]

Good Reads

एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […]
अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]
समय और हालात, इंसान कोक्या से क्या बना देते हैंऔर कहाँ से कहाँ पहुँचा देते हैं! किसी का घोर पतन होता हैफिर वह इंसान से इंसानियत केनिम्नतम स्तर तक पहुँच सकता है… तो किसी को यही कारकऊर्ध्वगामी दिशा दे जाते हैं,जीवन में शिखर तक ले जाते हैं। एक स्वार्थ और प्रतिशोध वशराक्षसी प्रवृत्ति का शिकार […]

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एक दिन, मुझे एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ने को मिली, जिसमें एक बुजुर्ग आदमी, तीन बेटे और परिवार की एकमात्र संपत्ति के रूप में 17 ऊंट थे। अपनी वृद्धावस्था की लम्बी बीमारी के बाद पिता की मृत्यु हो गई, और मृत्यु से पूर्व उन्होंने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी वसीयत छोड़ दी। उनकी मृत्यु के बाद, […]
अमेरिकन मार्क ट्वेन के अनुसार जब दोस्त आपको युवा दिखने जैसे जुमलों के साथ बधाई देने लगेंतो यह निश्चित सूचक और मानदंड हैकि अब आप बूढ़े हो चले हैं…! महिलाएं कृत्रिम साधनों का उपयोग कर युवा दिखने की कोशिश अकसर करती दिख जाती हैंतो पुरुष भी प्राय: ऐसा कहते हैंउम्र तो केवल एक मन:स्थिति हैबात का औचित्य रखने […]
Editor’s Pick जीवन के उन लंबे अनुभवों सेमैंने एक सार्वभौमिक सत्य जाना हैआप जीते हैं, आप परवाह करते हैं और कई बार दिल और आत्मा से आप किसी को प्यार करने लगते हैं। पर हमेशा याद रखने लायक बात है…आपको अपनी आत्मा पर कठोरहोने का कोई अधिकार नहीं हैअपने शरीर और मन पर ज्यादतीकरने का कोई […]

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सूख चुके हैं प्रेमपात्र सब, मदिरा की गागर दे दो भूल चुका हूँ कौन कौन है, विस्मृति का आश्रय दे दो. ईश्वर सबकुछ भूल गया है, कृष्ण नही अब रथ पर हैंसत्य-प्रेम की राहों पर हम, फिर भी काँटे पथ पर हैं. जीवन बंधा-बंधा सा क्यों है, हाहाकार मचा यह क्यों है मानव संबंधों के तलतम  में, यह भूकंपी […]
लाख समझाने पर भी नहीं समझता आईना मेरा अंदर की टूटती नसें भी उकेर दीं बनाकर उसने दरकती लकीरें वो जो बैठे हैं गहरे दिल में मेरे आईना मेरा उन्हें भी हूबहू दिखाता है. कैसे छिपाऊँ दर्दे-दिल को सामने जब बैरी-मितवा हो ऐसा चुप हूँ मैं, चुप हैं वो, मंजर है खामोशी का यह कैसा. दिल की जिद है रग-रग में […]
समय चुप है अपनी निष्ठुरता लिए बदल रहा है निरंतर. तुम समय हो मेरे समय जिसने प्यार दिया अनंत डुबोकर किया एकाकार खुशियों से अमृत सुख की स्मृतियों से साँस साँस में चलती अनवरत सामीप्य की अव्यक्त अनुभूतियों से.     समय मेरा दूर असंबद्ध सा अबदर्शक सा बन बदल रहा है     सहारे तन के मन के     तुझसे जो बंधे थे अडिग अटूट  […]

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